CGPSC गड़बड़ी केस में ED का बड़ा एक्शन: एडिशनल कलेक्टर चेतन बोरघारिया गिरफ्तार, 6 दिन की रिमांड

रायपुर, 11 सितंबर 2026। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित CGPSC गड़बड़ी मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ा एक्शन लिया है। ED ने बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के एडिशनल कलेक्टर चेतन बोरघारिया को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तारी के बाद उन्हें विशेष अदालत में पेश किया गया, जहां कोर्ट ने छह दिन की ED रिमांड मंजूर कर दी।
ED ने अदालत को बताया कि जांच के दौरान चेतन बोरघारिया और मामले के आरोपी उत्कर्ष चंद्राकर के बीच WhatsApp चैट सामने आई है। इसी चैट और दोनों के बीच संपर्क को जांच का अहम हिस्सा मानते हुए ED ने चेतन बोरघारिया से पूछताछ के लिए रिमांड मांगी थी।
कोर्ट से छह दिन की रिमांड मिलने के बाद अब ED बोरघारिया से उत्कर्ष चंद्राकर के साथ उनके संपर्क, WhatsApp पर हुई बातचीत और CGPSC परीक्षा में कथित गड़बड़ी से संभावित कनेक्शन को लेकर पूछताछ करेगी।
पेपर लीक से जुड़े तारों की जांच
ED की जांच में CGPSC परीक्षा के अभ्यर्थियों को प्रीलिम्स और मेन्स के पेपर उपलब्ध कराने के नाम पर लाखों रुपये लिए जाने की बात सामने आई है।
ED के वकील सौरभ पांडेय के मुताबिक, जांच में उत्कर्ष चंद्राकर की भूमिका अभ्यर्थियों तक प्रीलिम्स और मेन्स के पेपर पहुंचाने से जुड़ी होने की बात सामने आई है। अब ED चेतन बोरघारिया से पूछताछ कर इस पूरे नेटवर्क में उनकी भूमिका और अन्य संभावित कड़ियों का पता लगाने में जुटेगी।
छह दिन पहले उत्कर्ष चंद्राकर को भेजा गया था जेल
इस मामले में करीब छह दिन पहले ED ने उत्कर्ष चंद्राकर को कोर्ट में पेश किया था। उस दौरान एजेंसी ने उसकी रिमांड बढ़ाने की मांग नहीं की थी। सुनवाई के बाद अदालत ने उत्कर्ष चंद्राकर को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया था।
अब चेतन बोरघारिया की गिरफ्तारी के बाद CGPSC मामले की जांच में एक नया मोड़ आ गया है। WhatsApp चैट में क्या बातचीत हुई और उस बातचीत के तार कथित पेपर लीक से किस तरह जुड़ते हैं, ED की पूछताछ में इसका खुलासा होने की उम्मीद है। फिलहाल ED की जांच जारी है और रिमांड के दौरान सामने आने वाले तथ्यों पर पूरे मामले की अगली तस्वीर साफ हो सकती है।
